[New] मसाला का बिजनेस कैसे करें 2023? (How to start spice business in hindi 2023)

जानें मसाला मैन्युफैक्चरिंग का बिजनेस सफलतापूर्वक कैसे शुरू करें और पाएं लाखों कमाने के अवसर | How to start spice business in hindi 2023

भारतीय व्यंजन में इस्तेमाल होने वाला मसाला यहां के स्वाद का ऐसा टॉप सीक्रेट है, जो इसे दुनिया भर के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय बनाता है। देखा जाए तो किसी भी स्वादिष्ट व्यंजन के लिए सही मसाले का, सही मात्रा में होना भी बहुत जरूरी है। हमारे देश के लगभग सभी घरों में अलग-अलग प्रकार के मसालों का उपयोग किया जाता है। जैसे- हल्दी, धनिया, मिर्च मसाला, गरम मसाला, सब्जी मसाला, पानी पुरी मसाला, चाट मसाला इत्यादि काफी लोकप्रिय है। मसाला के बिना किसी भी भारतीय व्यंजन की कल्पना करना मुश्किल है, चाहे वो सब्जी हो, चाहे स्वादिष्ट पकवान या मांस-मछली । इन्हें मसालों के बिना तैयार करना असंभव सा लगता है। भारत के साथ – साथ विदेशों में रहने वाले लोगों के बीच भारतीय मसाले काफी लोकप्रिय हैं।

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मसाला बिजनेस का मार्केट 

मनी कंट्रोल के अनुसार “भारतीय मसाला उद्योग का मार्केट लगभग 80,000 करोड़ का है। और यह हर साल 7 से 10% की वृद्धि दर से बढ़ रही है। और जल्द ही 1 लाख करोड़ पहुंचने का अनुमान है।” इस आंकड़े को ध्यान से देखा जाय तो यह लघु उद्योग बिजनेस के लिए एक सुनहरा अवसर है। 

चूंकि मसाला तैयार करना एक जटिल प्रक्रिया है, इसलिए इसे हर घर में आसानी से तैयार नहीं किया जा सकता है। और समय के अभाव के कारण लोग ऐसा करने की सोच भी नहीं पाते हैं। 

बस इसी अवसर का लाभ उठा कर कुछ लोग मसाला व्यापार करके अच्छा खासा मुनाफा करते हैं। 

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मसाला उद्योग कैसे शुरू कर सकते हैं ? (How to start Spice Business?)

मसाला उद्योग को मुख्यतः पांच स्टेप्स को ध्यान में रखकर शुरू किया जा सकता है-

  1. मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्थान का चुनाव
  2. रॉ मैटेरियल का चुनाव 
  3. रॉ मैटेरियल की पिसाई 
  4. पैकेजिंग
  5. मार्केटिंग

इन सभी के बारे में आगे विस्तार से जानेंगे। आपको  यह जान लेना आवश्यक है, की मार्केट में दो तरह के मसालों का व्यापार किया जाता है – 

  • साबुत मसाला /खड़ा मसाला का बिजनेस( Khada Masala/ Whole Spices Business)
  • कूटा या पिसा हुआ मसाला का बिजनेस (Spices Powder Business)

गौरतलब है कि समय की कमी एवं कई अन्य कारणों से लोगों के बीच “कुटा या पिसा हुआ मसाला (Spices Powder)” या रेडीमेड मसाला, अन्य मसालों की अपेक्षा अधिक लोकप्रिय है। इसी बात को ध्यान में रखकर यहाँ कुटा हुआ मसाला पाउडर के व्यापार से सम्बंधित सभी जानकारी दी गई है। जैसे – मसाला उद्योग मशीन प्राइस, मसाला की मार्केटिंग कैसे करें, मसाला उद्योग हेतु कच्ची सामग्री, मसाला पिसाई मशीन कीमत, गरम मसाला लिस्ट इन हिंदी pdf, मसाला उद्योग ट्रेनिंग सेंटर, मसाला उद्योग रजिस्ट्रेशन, मसाला उद्योग प्रोजेक्ट रिपोर्ट पीडीएफ आदि की जानकारी मिलेगी।

(Khade Masale Ka Business Kaise Kare)

मसाला निर्माण के लिए कच्ची सामग्री (Raw material for making spices)

[New] मसाला का बिजनेस कैसे करें 2023? (How to start spice business in hindi 2023)

मसाला निर्माण में जिस मसाले से आप उद्योग शुरू करना चाहते हैं, उसी का उपयोग कच्ची सामग्री के तौर पर किया जाता है। जैसे – हल्दी पाउडर बनाने में साबुत हल्दी, मिर्च पाउडर बनाने के लिए सूखी हुई मिर्च का उपयोग किया जाता है। ठीक इसी प्रकार अन्य मसाले निर्माण में उनके साबुत रूप का ही उपयोग किया जाता है। साथ ही उतना ही ध्यान देने योग्य बात यह है की भारत विविधताओं का देश है, स्वाभाविक है कि अलग-अलग राज्यों में वहाँ के लोकप्रियता के हिसाब से कुछ मसालों की खेती सर्वाधिक की जाती है। जिसकी जानकारी आपको नीचे दी गई है –

  • हल्दी (Turmeric): भारत में हल्दी का उपयोग शादियों, रंग, पूजा-पाठ, दवा और सबसे ज्यादा खाद्य सामग्रियों में मसालों के रूप में किया जाता है। बताते चलें कि भारत में हल्दी की खेती कई राज्यों में होती है। जिसमें अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मेघालय, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश में मुख्य रूप से की जाती है।
  • काली मिर्च (Black Pepper): मसालों का राजा “काली मिर्च” को कहा जाता है। भारत में काली मिर्च की खेती मुख्यतः कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में की जाती है।
  • लहसुन (Garlic): लहसुन मुख्यतः बिहार, उत्तर प्रदेश,कर्नाटक, राजस्थान,गुजरात, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश राज्यों द्वारा की जाती है।
  • अजवाइन (Celery) : अजवाइन की खेती मूल रूप से राजस्थान, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बंगाल, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के कुछ भाग में की जाती है।
  • लौंग (Cloves) : लौंग की अधिकतर उपज कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में होती है।
  • धनिया (Coriander) : धनिया की खेती अधिकांश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व राजस्थान में की जाती है।
  • सौंफ (Fennel) : सौंफ की खेती उत्तर प्रदेश, गुजरात व राजस्थान राज्यों मे होती है।
  • जीरा (Cumin) : जीरे की खेती उत्तर प्रदेश, गुजरात व राजस्थान में की जाती है।
  • तेजपत्ता (Bay leaf) : तेज पत्ता मुख्यतः सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से प्राप्त होती है ।
  • मेथी (Fenugreek) : मेथी की खेती उत्तर प्रदेश, राजस्थान व गुजरात में होती है।
  • जायफल और जावित्री (Nutmeg and Mace) : जायफल और जावित्री मुख्यतः तमिलनाडु और केरल में होती है। जानकारी के लिए बताते चलें की “मिरिस्टिका” नामक वृक्ष के बीज को जायफल कहा जाता है।
  • अदरक (Ginger) : अदरक की खेती मुख्यतः केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, मेघालय, मध्य प्रदेश, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा की जाती है।
  • दालचीनी (Cinnamon) : मसाले में दालचीनी मुख्यतः केरल और तमिलनाडु में पाई जाती है।
  • मिर्च (Chilli) : मिर्च की खेती मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उड़ीसा, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र राज्यों द्वारा की जाती है।
  • इलायची (Cardamom) : हमारे यहाँ इलायची दो प्रकार की होती है और छोटी और बड़ी इलायची। हालांकि छोटी इलायची की खेती हमारे देश में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में होती है और बड़ी इलायची की खेती सिक्किम और पश्चिम बंगाल में होती है।

इनके अलावा विभिन्न प्रकार के अन्य सामग्रियों का उपयोग मसालों के रूप में किया जाता है।

मसाला बनाने के व्यापार के लिए कच्ची सामग्री कहां से खरीदें ?

अगर आपको शुद्ध और मार्केट से कम दामों में रॉ मैटेरियल लेनी हो तो आपकी यही कोशिश रहनी चाहिए कि आप डायरेक्ट उस किसानों से लेना चाहिए जो उस कच्ची सामग्री या रॉ मटेरियल (Spices raw material) की उपज करते हों । क्योंकि बिजनेस में मुनाफे को भी ध्यान में रख कर चलना चाहिए। हालांकि अगर आप ऐसा ना भी कर पाए तो कोई बात नहीं है। मसाला बनाने के व्यापार के लिए कच्ची सामग्री या रॉ मटेरियल (Spices raw material) को आप आसानी से आपके नजदीकी मसाला होलसेल शॉप से भी ले सकते हैं। या घर बैठे indiamart.com जैसे ऑनलाइन मार्केट के माध्यम से आसानी से खरीद सकते हैं।

मसाला बनाने के व्यापार के लिए कच्ची सामग्री का मूल्य 

मसाला बनाने के बिजनेस के लिए कच्ची सामग्री के मूल्य की भी जानकारी होनी आवश्यक है। हालांकि यहाँ दी गई मूल्य विभिन्न शहरों में अलग अलग हो सकती है।

मसाले और उनके मूल्य :-

मसालेमूल्य
गोटा हल्दी₹130 (±)
सुखी मिर्च₹115 (±)
धनिया₹120 (±)
काली मिर्च₹480 (±)
जीरा₹280 (±)
मेथी₹75 (±)
अदरक₹72 (±)
इलायची₹2000 (±)
तेजपत्ता ₹140 (±)
लहसुन₹80 (±)

ऊपर दी गई सभी सामग्रियों के मूल्य में दिए गए संकेत (±) का मतलब यह है कि “दिया गया मूल्य किसी भी कम या ज्यादा हो सकता है)।”

मसाला बनाने वाली मशीन (What are the machinery required for masala manufacturing?)

मसाला निर्माण उद्योग के लिए कुछ खास मशीनों की आवश्यकता होती है। जिसकी सहायता से आप मसाले को कम समय के साथ साथ कम मेहनत में ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्शन कर सकते हैं। यहाँ पर मसाला बिजनेस में उपयोग होने वाली मुख्य मशीनों के बारे में जानकारी दी गई है-

• क्लीनर (Cleaning Machine): क्लीनर की मदद से मसाले के रॉ मटेरियल से बालू, मिट्टी कंकड़, पत्थर आदि निकल कर सफाई की जाती है।

• पल्वराईजर मशीन (Pulverizer Machine for Masala) / पीसने वाली मशीन: पल्वराईजर मशीन की सहायता से मसाले के रॉ मैटेरियल को बिना किसी मेहनत के महीन और बारीक पिसा जाता है। देखा जाए तो मसाला बिजनेस में बाकी मशीनों की अपेक्षा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इसी की होती है। 

यह मशीन 3 प्रकार की होती है :

  1. मैनुअल मसाला ग्राइंडर मशीन
  2. सेमी ऑटोमेटिक मसाला ग्राइंडर मशीन
  3. फुली ऑटोमेटिक मसाला ग्राइंडर मशीन

• कूलिंग मशीन या साइक्लोन सिस्टम (Cooling Machine or Cyclone System): 

कूलिंग मशीन या साइक्लोन सिस्टम की सहायता से तुरंत पिसे हुए गर्म – गर्म मसाले को ठंडा कर सुखाया जाता है। जिससे मसाले जल्दी खराब नहीं होते हैं। हालांकि आजकल के पल्वराईजर मशीन में साइक्लोन सिस्टम लगे-लगाए मिल जाते हैं। जिसे आपको अलग से खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

• पैकेट सीलिंग मशीन  : इस मशीन की सहायता से मसाले के पैकेट को पैक कर सील किया जाता है। यह कई तरह के आते हैं – जिसमें ऑटोमेटिक पैकिंग मशीन, सेमी ऑटोमेटिक पैकिंग मशीन , मैनुअल मशीन। आप अपने जरूरत के हिसाब से इसका चुनाव कर सकते हैं।

घर के मसाले बनाने के लिए मशीनरी (Homemade Spices Making Machinery)

मसाला बिजनेस में उपयोग होने वाली मशीन का मूल्य ( Spice Machine Price)

मसाला उद्योग मशीन प्राइस, मशीन के आकार और उसके क्षमता पर निर्भर करता है। आमतौर पर छोटे स्तर की सभी मशीन की लागत 3- 4 लाख तक आ सकती है।

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मसाला बनाने में प्रयुक्त होने वाली मशीन कहां से खरीदें (Where To Buy Masala Machine)

अगरबत्ती बनाने के बिजनेस में उपयोग होने वाली सभी मशीनें आपके शहर के मेन मार्केट की मशीनरी शॉप में अवश्य मिल सकती है।

• यही अगर आप इसे ऑनलाइन मार्केट जैसे Amazon ,फ्लिपकार्ट या India मार्ट से खरीदेंगे तो आपको ढेरों डिस्काउंट ऑफर्स के साथ कम कीमत पर ही सारी चीजें मिल सकती है।

अगर आपके मन में अभी भी ये सवाल है कि मसाला पीसने वाली मशीन की कीमत या सबसे अच्छी कंपनी का मिक्सर कौन सा होता है? तो आगे पोस्ट को ध्यान से पढ़ें।

मशीन से मसाला तैयार करने की प्रक्रिया (Process of making spices by machine)

मसाला बनाने वाली मशीनों का उपयोग करके मसाला बनाने (Manufacture) की प्रक्रिया इस प्रकार है :-

Step 1 – सबसे पहले कच्चे मसालों को सबसे पहले साफ किया जाता है।

Step 2 – फिर साफ किए हुए मसालों को सुखाया (Dry) जाता है।

Step 3 –  इस सूखे पदार्थ को फिर पल्वराईजर मशीन (Pulverizer Machine) में पीसते हुए साइक्लोन सिस्टम से होकर गुजारा जाता है जिससे मसाला ठंडा हो जाता है, और जल्दी खराब नहीं होता है।

Step 4 –  फिर पिसे हुए मसालों को बिना देर किए फ़ौरन पहले से तैयार पैकेट में पैक किया जाता है

Step 5 –  पैकिंग की प्रक्रिया के बाद फिर इन पैकेटों को आगे के परिवहन के लिए कार्डबोर्ड बॉक्स में पैक किया जाता है।

मशीन से मसाला तैयार करने में समय

मशीन से मसाला तैयार करने में समय की बात करें, तो यह आपके उपयोग किए गए मशीन और उसकी क्षमता के ऊपर निर्भर करता है। 8 घंटे में मान कर चले तो आप जिस क्षमता वाले मशीन का उपयोग करेंगे आपको उसी के हिसाब से समय प्रतिदिन प्रोडक्शन होगी।

घर से मसाला बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to start spice business from home?)

यदि आप छोटे स्तर पर घर से मसाला बनाने के बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं, तो आप इसे बिना किसी परेशानी के शुरू कर सकते हैं। इस बिजनेस को आप एक छोटे मिक्सर ग्राइंडर मशीन या ओखली – मुसर के सहायता से भी शुरू कर सकते हैं। घर से मसाला बिजनेस शुरू करने की विधि :

Step 1 – सबसे पहले कच्ची सामग्री की व्यवस्था करें।

Step 2 – फिर उसे अच्छे से धूप में सुखाकर तैयार कर लेनी है। ध्यान रहे कि मिर्च पाउडर तैयार करने के लिए सूखी मिर्च को गर्म कढ़ाई में डाल कर (भून कर) उसकी नमी निकाल दें ।

Step 3 – अब तैयार सामग्री को ओखली-मुसर में कूट कूट कर या मिनी मिक्सर ग्राइंडर में पीसकर पाउडर तैयार कर लें।

Step 4 – अब इस गर्म पाउडर को थोड़ी ऊंचाई से छान लें। ताकि पाउडर कुछ हद तक ठंडा हो जाए और ज्यादा दिनों तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है। क्योंकि अगर इस गर्म पाउडर (मसाले) को इसी गर्म अवस्था में पैक कर दिया जाए तो यह जल्द ही खराब हो जाएगा।

मसाला व्यापार को शुरू करने के लिए कुल पूंजी (Total capital to start spice business)

अगर आप मसाले के बिजनेस की शुरुआत घर से करना चाहते हैं, तो इसमें ज्यादा पूंजी की आवश्यकता नहीं होती है। बस आपको पैकेजिंग पर खर्च करने होते हैं। यह तो केवल आपके ऊपर निर्भर करता है की आप कितना इन्वेस्टमेंट करते हैं। हालांकि देखा जाए तो इस बिजनेस को मात्र ₹8000 – ₹10000 से भी शुरू किया जा सकता है। अगर बड़े पैमाने पर शुरुआत करनी है, तो आपको मशीन के मुताबिक इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी।

मसाला उत्पादन के लिए कमरा 

इस बिजनेस को आप अपने घर के 10×10 के कमरे में भी शुरू कर सकते हैं। हालांकि मशीनों के साथ बड़े स्तर पर बिजनेस की शुरुआत के लिए आपको ज्यादा जगहों की आवश्यकता पड़ सकती है।

मसाले बनाने के बिजनेस में मुनाफा (Profit In Spice Making Business)

खड़े या साबुत मसाले के बिजनेस में मुनाफा : इस बिजनेस में आप छोटे पैकेट जैसे – ₹10,₹20 इत्यादि के पैकेट पर 30-35% का प्रॉफिट कमा सकते हैं। बड़े पैकेट जैसे – 100g, 250g, 500g इत्यादि के पैकेट पर 15-20 % का अधिकतम मुनाफा कमा सकते हैं।

पीसे या कुटा मसाले के बिजनेस में मुनाफा :

इस बिजनेस को अच्छे स्ट्रेटजी के साथ शुरू की जाए तो आप 25g, 50g, 100g, 250g इत्यादि के पैकेट पर 30-40 % तक का मुनाफा कमा सकते हैं। 

मसाला बिजनेस के लिए आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (Required License and Registration for spice business)

मसाला व्यापार, खाद्य एवं पेय (Food and Beverage) की कैटेगरी में आता है। जिस कारण से इसके लिए भारतीय खाद्य विभाग से “FSSAI” लाइसेंस लेना आवश्यक है। FSSAI Licence के अलावा अपने बिजनेस को MSME में रजिस्टर्ड करनी पड़ेगी। साथ ही साथ “उद्योग आधार (Udyog Aadhaar)” में भी पंजीकृत कराने की आवश्यकता पड़ सकती है। अगर आपका बिजनेस बड़े स्तर पर किसी बड़े फर्म के रूप में है, तो आपको अपने उद्योग को लिमिटेड कंपनी या LLP के रूप में रजिस्टर्ड करने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा अपनी कंपनी का ट्रेडमार्क, आई एस ओ सर्टिफिकेट (ISO Certificate), ISI Certificate , BIS Certificate, AGMARK (एगमार्क) इत्यादि के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।

मसाला व्यापार में सफल होने के तरीके (How to Succeed in the Spice Business)

• कुछ गलत लोग, मिलावट कर गलत तरीकों से 100% से 200 %+ मुनाफा तक कमाते हैं, जो कि सरासर गलत है। चंद मुनाफे के लिए यह लोगों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ हैं। हम यह सोचने की भी सलाह नहीं देते हैं। 

• अगर आप शुरुआत में मुनाफे से ज्यादा मसाले की क्वालिटी पर फोकस करेंगे, तो यह आपके व्यवसाय के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

• अगर आपके पास पल्वराईजर मशीन (मसाला पीसने वाली मशीन) को लेने के लिए पर्याप्त बजट की कमी है, तो आपको जरूरत है अपने आस-पास मसाला चक्की को ढूंढने की (जैसे- आटा चक्की होती है)। इससे आपको पल्वराईजर मशीन पर खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

• शुरुआत में थोड़े से ही शुरू करें।अपने मार्केट का हाल जानें। फिर जोर शोर से लग जाए।

• कम वजन वाले पैकेट जैसे – 50g, 100g इत्यादि वाले मसाले के लिए अपने आस- पास के किराना की दुकान या होलसेलर को जरूर संपर्क करें।

• आप बड़े होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबे इत्यादि में भी सप्लाई कर सकते हैं। 

• कोशिश करें की मसाले खराब होने से पहले आपके स्टॉक से निकल जाए।

☞ एक नजर में (Overview)

बिजनेसमसाला बिजनेस 
बिजनेस के प्रकारव्हाइट लेबलिंग, रिटेलर, होलसेलर
Competition Medium 
मुख्य सामग्रीNA 
Investment Total ₹8000 से ₹5 लाख +
मुनाफा30% से 35%
किसे बेचेंगेहोलसेलर , डायरेक्ट कंज्यूमर को

ज्यादातर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न- मसाले उद्योग में कच्चे माल को कैसे सुरक्षित रखें?

उत्तर : कच्चे माल को हमेशा नमी (Moisture) वाले जगहों से दूर रखें। 

प्रश्न-  दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक देश कौन सा है?

उत्तर : भारत (India)

प्रश्न –  मसाला उद्योग के लिए कौन-कौन से रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होगी ?

उत्तर : मसाला उद्योग शुरू करने के लिए भारतीय खाद्य विभाग से FSSAI Licence लेना अनिवार्य है। इसके अलावा स्थानीय प्राधिकरण, MSME रजिस्ट्रेशन, उद्योग आधार, GST , AGMARK इत्यादि की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

प्रश्न –  मसाला उद्योग से संबंधित मशीन कहां मिलेगी ? 

उत्तर : आप मशीन को संबंधित मशीनरी सेलर अथवा ऑनलाइन मार्केट जैसे indiamart इत्यादि से खरीद सकते हैं।

प्रश्न –  कम बजट में मसाला बिजनेस कैसे शुरू करें?

उत्तर : कच्ची सामग्री को स्थानीय किसानों से ही खरीदने का प्रयास करें। मसाला पिसाई के लिए नजदीकी मसाला चक्की का रुख करें।

प्रश्न –  पैकिंग के लिए किस मशीन का इस्तेमाल करें?

उत्तर : https://amzn.to/3JRufU1

प्रश्न –  FSSAI का फुल फॉर्म (Full form) क्या होता है?

उत्तर : FSSAI का फुल फॉर्म “Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI)” अथवा “भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण” है।

प्रश्न – क्या मसाला बिजनेस को शुरू करने के लिए लोन की व्यवस्था है?

उत्तर : हाँ, सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से लोन की व्यवस्था की गई है । जैसे – PMEGP, PMRY, MUDRA, REGP, CMEGP इत्यादि।

प्रश्न – क्या मसाला व्यवसाय लाभदायक है?

उत्तर : जी हाँ

यह भी देखें –

अगरबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें?

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